सर्दी

इतना आसान तो नहीं होता
सिहरती रात में जागना,
ठंड से लड़ना मुश्किल होता है

जब फैलती है रात
तो जिस्म सिकुड़ता जाता है

बस
जला लेता हूँ पुरानी यादों को
और उस अलाव को
सेंकता रहता हूँ रात भर
जगा रहता हूँ रात भर

3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत उम्दा निहाल । खुश रहिए ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. Lovely.. I liked it..

    Shashi
    ॐ नमः शिवाय
    Om Namah Shivaya
    http://shadowdancingwithmind.blogspot.com/
    At Twitter @VerseEveryDay

    उत्तर देंहटाएं