ग़ज़ल

जब भी दिल उदास होता है
एक दोस्त मेरे पास होता है

यूँ तो कमाया कुछ नहीं हमने
खर्च करने को जहान होता है

छोटे घरों में रहना पसंद नहीं
सर पर हमारे आसमान होता है

थक जाते हैं जब चलते चलते
तेरी छाँव में मकान होता है

16.8.2016

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें