गाये राग मल्हार मोरा सैयां,
मोरा सैयां गाये राग मल्हार
बरसे मेघ नयन से,
रे सावन बारमबार
गाये राग मल्हार मोरा सैयां
मोरा सैयां गाये राग मल्हार
रे रात कर जतन तू, रोक रे तू सूरज को
बोल ओसे मोरा सैयां बैठा मोरा पास
आये अब दो जुग बाद
गाये राग मल्हार मोरा सैयां
मोरा सैयां गाये राग मल्हार
रे जुगनू तू मत उड़ ऐसे-वैसे
आज रात को आ जा घर मोरे
सजा दे आँगन मोरा
बस आज रात
गाये राग मल्हार मोरा सैयां
मोरा सैयां गाये राग मल्हार
काजल मोरी बिखर गयी रे आज
गाये राग मल्हार मोरा सैयां
मोरा सैयां गाये राग मल्हार
-25.6.14
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